برقی اعظمی

برقی اعظمی

ڈاکٹر احمد علی برقیؔ اعظمی اعظم گڑھ کے ایک ادبی خانوادے سے تعلق رکھتے ہیں۔ آپ کے والد ماجد جناب رحمت الہی برقؔ دبستان داغ دہلوی سے وابستہ تھے اور ایک باکمال استاد شاعر تھے۔ برقیؔ اعظمی ان دنوں آل آنڈیا ریڈیو میں شعبہ فارسی کے عہدے سے سبکدوش ہونے کے بعد اب بھی عارضی طور سے اسی شعبے سے وابستہ ہیں۔۔ فی البدیہہ اور موضوعاتی شاعری میں آپ کو ملکہ حاصل ہے۔ آپ کی خاص دل چسپیاں جدید سائنس اور ٹکنالوجی خصوصاً اردو کی ویب سائٹس میں ہے۔ اردو و فارسی میں یکساں قدرت رکھتے ہیں۔ ’روحِ سخن‘ اور ’محشرِ خیال‘ آپ کے مجموعہ ہائے کلام ہیں۔

आज है इंफ़ारमेशन टेकनालोजी की बहार

आज है इंफ़ारमेशन टेकनालोजी की बहारडा.अहमद अली बरक़ी आज़मी,598।9, ज़ाकिर नगरनई देहली-110025 आज है इंफारमेशन टेकनालोजी की बहारकोई गूगल पर फिदा है कोई याहू पर निसारकोई उरदुसतानो विककीपीडिया का है असीरहै किसी को सिरफ बस चिठठाजगत का इंतेज़ारहै बलाग इसपाट…

इंटरनेट Topical Poetry On The Relevance Of Internet & IT for Mankind

इंटरनेट मुंहसिर है आज इंटरनेट पे दुनिया का निज़ामवकत के घोडे की है इसके ही हाथोँ मेँ लगामवरलड वाइड वेब मेँ सरवोततम है गूगल डाट कामकर रहे हैँ आज सब उपयोग इसका ख़ासो आमसब सवालोँ का तसलली बख़श देती है…

पोलियो Topical Urdu Poetry On "POLIO” By Dr.Ahmad Ali Barqi Azmi

पोलियोपोलियो की है ज़रूरी रोक थामकीजिए बर वक़त इसका इंतेज़मतंदुरुसती का है ज़ामिन यह डरापइस लिए लाज़िम है इसका एहतेमामहै यह बचचोँ के लिए जामे सेहततंदुरुसती की एलामत है यह जामहै गर दरकार हिफ़ज़ाने सेहतइस मिशन को कीजिए लोगोँ मेँ…