برقی اعظمی

برقی اعظمی

ڈاکٹر احمد علی برقیؔ اعظمی اعظم گڑھ کے ایک ادبی خانوادے سے تعلق رکھتے ہیں۔ آپ کے والد ماجد جناب رحمت الہی برقؔ دبستان داغ دہلوی سے وابستہ تھے اور ایک باکمال استاد شاعر تھے۔ برقیؔ اعظمی ان دنوں آل آنڈیا ریڈیو میں شعبہ فارسی کے عہدے سے سبکدوش ہونے کے بعد اب بھی عارضی طور سے اسی شعبے سے وابستہ ہیں۔۔ فی البدیہہ اور موضوعاتی شاعری میں آپ کو ملکہ حاصل ہے۔ آپ کی خاص دل چسپیاں جدید سائنس اور ٹکنالوجی خصوصاً اردو کی ویب سائٹس میں ہے۔ اردو و فارسی میں یکساں قدرت رکھتے ہیں۔ ’روحِ سخن‘ اور ’محشرِ خیال‘ آپ کے مجموعہ ہائے کلام ہیں۔

तूफाने नर्गिस

तूफाने नर्गिसआज मायंमार है तूफाने नर्गिस का शिकारहै गलोबल वार्मिंग का उसपे यह भरपूर वारकीजिए राहे अमल मिल जुल के कोई अख़तेयारवरना आते ही रहैँगे यह हवादिस बार बारहो गए बरबाद लाखोँ हैँ हज़ारोँ ला पतालौटने का लोग जिनके कर…

है आलूदगी नौए इंसाँ की दुश्मन

है आलूदगी नौए इंसाँ की दुश्मनडा.अहमद अली बर्क़ी आज़मी सोलो प्वाइज़न है फ़ज़ा मेँ पलूशनहर एक श़ख़्स पर यह हकीक़त है रोशनयुँही लोग बे मौत मरते रहैँ गेन होगा अगर जल्द इस का सलूशनबडे शहर हैँ ज़द मेँ आलूदगी कीजो…

हर कोई आलूदगी का है शिकार

हर कोई आलूदगी का है शिकारडा. अहमद अली बर्क़ी आज़मी आज कल माहौल है नासाज़गारहर तरफ है एक ज़ेहनी इंतेशारहै बडे शहरोँ मेँ जीना एक अज़ाबहर कोई आलूदगी का है शिकारआ रहे हैँ लोग शहरोँ की तरफगाँव का ना गुफ़तह…

मीडिया

मीडियाडा.अहमद अली बर्क़ी आज़मीज़ाकिर नगर , नई देहली मीडिया आज रखता है सब पर नज़रकाम है इसका निष्पक्ष देना ख़बरध्यान रखना ज़रूरी है इस बात काइस के कवरेज का होता है गहरा असरशक्तिशाली है आज इस क़दर मीडियामोड दे क़ौमी…

फख़रे दौराँ ए पी जे अबदुल कलाम

फख़रे दौराँ ए पी जे अबदुल कलामडा. अहमद अली बरक़ी आज़मी598।9, ज़ाकिर नगर नई देहली फ़ख़रे दौराँ ए पी जे अबदुल कलामजिनका है साइंस मेँ आला मुक़ामकाम से हैं अपने वह हर दिल अज़ीज़जिस से है सारे जहाँ में उनका…